बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले एमएलसी चुनाव को लेकर एनडीए ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास लोक सेवक में एनडीए की अहम बैठक होगी। बैठक में एनडीए के सभी विधायकों,विधान पार्षदों और सांसदों को बुलाया गया है। एनडीए के मुख्य सचेतक संजय गांधी के मुताबिक,आज शाम से लेकर नौ अक्टूबर की सुबह तक एनडीए के सभी विधायक और सांसद पटना पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य एमएलसी चुनाव को लेकर आगे की रणनीति तैयार करना है। साथ ही चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में बेहतर समन्वय और प्रचार की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। बिहार विधान परिषद की चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होना है। बीजेपी और जेडीयू ने चार-चार उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। वहीं कुछ सीटों पर बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी ने एनडीए की चिंता बढ़ाई है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है। ऐसे में बैठक के दौरान बागी उम्मीदवारों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। सबसे ज्यादा निगाहें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर है,जहां जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के मुकाबले अलग-अलग राजनीतिक समीकरण देखने को मिल रहे हैं।
अनंत सिंह से जुड़े घटनाक्रम के बीच एनडीए की बैठक को खास माना जा रहा है। संजय गांधी ने दावा किया है कि एनडीए सभी आठ सीटों पर जीत हासिल करेगा। एनडीए के 201 विधायक हैं और एमएलसी चुनाव में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सांसदों को भी चुनाव प्रचार में जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और मोकामा विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है। हालांकि,उनकी उपस्थिति को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुल मिलाकर, एमएलसी चुनाव से पहले होने वाली यह बैठक एनडीए की एकजुटता और चुनावी ताकत के प्रदर्शन के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।