ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को राज्य के दो उत्कृष्ट प्रतिभाओं—सुजाता भुइयां और ओम प्रकाश रथ—को बधाई दी, जिनकी उपलब्धियों का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने साप्ताहिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने संबलपुर जिले की गृहिणी सुजाता भुइयां की सराहना करते हुए उनके प्रेरणादायक सफर का उल्लेख किया। घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन करने से लेकर सफल मत्स्य उद्यमी बनने तक की उनकी यात्रा को प्रधानमंत्री ने सराहा। कुछ वर्ष पहले उन्होंने हीराकुद जलाशय में केज कल्चर (पिंजरा आधारित मछली पालन) शुरू किया था। मौसम में उतार-चढ़ाव और मछलियों के लिए चारा उपलब्ध कराने जैसी कई चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने दो से तीन वर्षों के भीतर अपने प्रयास को एक सफल व्यवसाय में बदल दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शुरुआती दिन आसान नहीं थे, लेकिन उनका हौसला अडिग रहा। आज उनकी सफलता उनके समुदाय की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
मुख्यमंत्री माझी ने सुजाता भुइयां की उपलब्धि को ओडिशा के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) का प्रभावी उपयोग कर सुजाता भुइयां ने न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि राज्य की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्तमान में वह प्रतिवर्ष लगभग 25–30 मीट्रिक टन मछली उत्पादन कर रही हैं और 8–10 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रापड़ा जिले के युवा ओम प्रकाश रथ को भी सम्मानित किया, जिन्होंने महिला-नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने पर लिखे अपने निबंध से पहचान बनाई। ‘माय भारत’ द्वारा आयोजित ‘माय भारत बजट क्वेस्ट’ प्रतियोगिता में लगभग 12 लाख युवाओं ने भाग लिया था, जिसका उद्देश्य युवाओं को बजट और नीति-निर्माण प्रक्रिया से जोड़ना था। इनमें से करीब 1,60,000 प्रतिभागी निबंध चरण तक पहुंचे, जहां रथ का लेख अपने विचार और स्पष्टता के कारण विशेष रूप से सराहा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओम प्रकाश रथ के निबंध को मिली यह पहचान ओडिशा के युवाओं की बौद्धिक क्षमता को दर्शाती है। इस उपलब्धि के लिए हम उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हैं।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि उद्यमिता और युवा-नेतृत्व वाली पहलों में समर्पण और नवाचार के ऐसे उदाहरण ओडिशा में नई पीढ़ी को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।