ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को भारत की परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में नई उपलब्धि की सराहना करते हुए तमिलनाडु के कल्पक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) में पहली क्रिटिकलिटी हासिल होने को ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने इसे टिकाऊ और आत्मनिर्भर ऊर्जा समाधान की दिशा में देश की यात्रा में एक परिवर्तनकारी कदम कहा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि थोरियम आधारित ऊर्जा का सफल उपयोग भारत की वैज्ञानिक क्षमता और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक विज़न को साकार करने वाले सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और संबंधित हितधारकों को हार्दिक बधाई, जिनकी अटूट प्रतिबद्धता और अथक प्रयासों ने इसे संभव बनाया।
थोरियम आधारित ईंधन पर आधारित पीएफबीआर भारत की परमाणु तकनीक क्षमता में एक महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपलब्धि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित यह परियोजना नवाचार, सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सफलता देश की दीर्घकालिक ऊर्जा आत्मनिर्भरता और उन्नत परमाणु तकनीक में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।