चक्रवात ‘अर्नब’ और उसके बाद आई बाढ़ से फसलों एवं बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए आठ सदस्यीय केंद्रीय टीम ने बुधवार को ओडिशा के गंजाम जिले के कई प्रभावित इलाकों का दौरा किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव रवि शंकर के नेतृत्व में टीम ने अपना आकलन अचिली गांव से शुरू किया। इससे एक दिन पहले टीम ने पड़ोसी गजपति जिले का दौरा किया था।
दौरे के दौरान अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम के सदस्यों ने कृषि क्षेत्रों का निरीक्षण किया और कटाई के करीब पहुंच चुकी धान की खड़ी फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया। टीम ने प्रभावित गांव के किसानों से भी बातचीत की। टीम के साथ मौजूद एक वरिष्ठ जिला अधिकारी ने यह जानकारी दी।
टीम ने कई लिफ्ट सिंचाई केंद्रों का दौरा किया और ऋषिकुल्या नदी के तटबंधों में आई दरारों एवं टूटे हिस्सों का निरीक्षण किया। नदी में आई बाढ़ के कारण कई एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी।
इसके अलावा टीम ने बिजली के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का भी आकलन किया। इसमें बिजली के टूटे तार, उखड़े हुए पेड़ और क्षतिग्रस्त मोबाइल टावर शामिल हैं।
केंद्रीय टीम ने जिले के विभिन्न स्थानों पर क्षतिग्रस्त पुलों और बाढ़ के पानी में बह गई सड़कों का भी निरीक्षण किया।
क्षेत्रीय दौरा शुरू करने से पहले टीम ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर नुकसान के आकलन की समीक्षा की।
अधिकारियों के अनुसार, गंजाम के जिलाधिकारी कीर्ति वासन वी. ने टीम के सामने नुकसान का विस्तृत ब्योरा पेश किया। इसमें नुकसान की स्थिति दर्शाने वाली तस्वीरें और वीडियो भी शामिल थे।
इससे पहले मंगलवार को केंद्रीय टीम ने गजपति जिले के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था। इनमें आर. उदयगिरि ब्लॉक के माकापाड़ा और मोहना ब्लॉक के गुंडरीगुड़ा में बाढ़ के पानी में बह गए पुलों के स्थान भी शामिल थे।
टीम ने क्षतिग्रस्त खरिगुड़ा पुलिया और लेडाबांधा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से का भी निरीक्षण किया।
ओडिशा सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने इस टीम को नुकसान का आकलन करने के लिए भेजा है। चक्रवात ‘अर्नब’ 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचा था, जिसके कारण आई बाढ़ से ओडिशा में भारी नुकसान हुआ।
राज्य सरकार ने दक्षिण ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में व्यापक नुकसान की जानकारी दी थी।
रवि शंकर के अलावा इस टीम में कृषि, वित्त, जल शक्ति, बिजली, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का एक प्रतिनिधि भी शामिल है।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि क्षेत्रीय दौरे पूरे करने के बाद केंद्रीय टीम राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। इस दौरान नुकसान के आकलन पर चर्चा की जाएगी और टीम अपने निरीक्षण से जुड़े निष्कर्ष साझा करेगी।