बिहार के पांच जिलों के लिए खुशखबरी है। राज्य के इन जिलों में नए हवाई अड्डे बनने वाले हैं और इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। इसके अलावा नौ जिलों में हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। इन शहरों में पटना के आसपास के जिले भी शामिल हैं, जिनमें छपरा और बेगूसराय सबसे नजदीक हैं। सीमांचल के दो जिलों किशनगंज और अररिया में एयरपोर्ट बनाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही उत्तर प्रदेश सीमा से सटे गोपालगंज में भी नया एयरपोर्ट बनाया जाएगा। कैबिनेट से मिली जानकारी के अनुसार इन जिलों में जमीन का चयन किया जा चुका है। यदि एयरपोर्ट या हेलीपोर्ट शहर से बाहर बनाया जाता है तो सरकार नजदीकी शहर से लोगों को मुफ्त लाने-लेजाने की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। सरकार का फोकस उड़ान योजना पर है।
बिहार में फिलहाल चार एयरपोर्ट पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया संचालित हो रहे हैं। 2030 तक 13 नए एयरपोर्ट बनाने की कवायद चल रही है। कैबिनेट ने इनमें से पांच नए एयरपोर्ट की स्वीकृति दी है। इससे पहले मुजफ्फरपुर, सहरसा, वाल्मीकिनगर, वीरपुर, मधुबनी और मुंगेर में हेलीपोर्ट की मंजूरी मिल चुकी थी।
बेगूसराय में एयरपोर्ट के अलावा हेलीपोर्ट भी बनाया जाएगा। इसके साथ औरंगाबाद, बांका, जमुई, कटिहार, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा और सीतामढ़ी में हेलीपोर्ट बनाने की तैयारी है। इन हेलीपोर्ट से इन शहरों को हवाई संपर्क से जोड़ा जा सकेगा। बांका, जमुई, कटिहार और खगड़िया जैसे पटना से दूर जिलों के लिए यह सुविधा जल्द संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित होगी।
सम्राट चौधरी सरकार ने इसके लिए विशेष योजना बनाने का फैसला किया है। हेलीपोर्ट के लिए सरकार लागत का 25 प्रतिशत वहन करेगी और उड़ानों के संचालन के दौरान सालाना 10 लाख रुपये प्रचार पर खर्च करेगी। इससे लोगों को इस सुविधा का लाभ आसानी से मिल सकेगा।