भुवनेश्वर स्थित ऐतिहासिक बिंदुसागर तालाब को एकाम्र हेरिटेज प्रोजेक्ट के तहत एक हेरिटेज झील के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसे वित्तीय वर्ष 2026–27 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। यह घोषणा रविवार को कानून एवं निर्माण मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने की।
मंत्री ने बताया कि पार्किंग क्षेत्र के अंतिम छोर पर एक इंटरप्रिटेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा और वहां भगवान लिंगराज की भव्य प्रतिमा भी बनाई जाएगी। इन दोनों नए घटकों के जुड़ने से परियोजना की कुल लागत बढ़ने की संभावना है।
हरिचंदन ने यह भी बताया कि पहले जिस एजेंसी को काम सौंपा गया था, उसने आगे काम करने से मना कर दिया है। इसलिए अब परियोजना के क्रियान्वयन के लिए नई एजेंसी नियुक्त की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि एकाम्र परियोजना को चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। मुझे पूरा विश्वास है कि किसी भी स्थिति में हम इसे इसी वित्त वर्ष में पूरा कर देंगे। हमने इसमें अतिरिक्त कार्य शामिल किए हैं, जिनमें इंटरप्रिटेशन सेंटर और भगवान लिंगराज की विशाल प्रतिमा का निर्माण शामिल है।
मंत्री ने आगे बताया कि दूसरी बात यह है कि बिंदुसागर के आसपास का विकास—जो मूल योजना का हिस्सा नहीं था—अब इसमें जोड़ा गया है। बिंदुसागर को अत्यंत सुंदर झील का रूप देने और इसे हेरिटेज झील जैसा स्वरूप प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू की जा रही हैं। हमारी डिजाइन टीम को भी उसी अनुसार कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पहले का कार्य इसलिए हटाया गया क्योंकि पूर्व एजेंसी काम जारी रखने को तैयार नहीं थी। इसलिए अब इसे नई योजना के दायरे में शामिल किया जा रहा है, जिसमें बिंदुसागर और उसके आसपास का विकास, इंटरप्रिटेशन सेंटर तथा भगवान लिंगराज की विशाल प्रतिमा का निर्माण शामिल है।
मंत्री ने कहा कि इन सभी पहलुओं को एकीकृत करने की प्रक्रिया जारी है और आवश्यकतानुसार धन उपलब्ध कराया जाएगा। धन की कोई कमी नहीं है। हमारे पास पर्याप्त संसाधन हैं और हम जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।