ओडिशा बीजेपी अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा कि महानदी जल विवाद का जल्द समाधान हो सकता है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस लंबे समय से चले आ रहे ओडिशा-छत्तीसगढ़ विवाद को लेकर बैठक बुलाई और दोनों राज्यों के बीच जारी मुद्दे पर चर्चा की। महानदी मुद्दे को लेकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के बीच भी बैठक हो चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमित शाह इस विवाद का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का रास्ता जरूर निकालेंगे।
पिछली बीजद (बीजेडी) सरकार पर निशाना साधते हुए सामल ने आरोप लगाया कि उसने महानदी मुद्दे को लेकर केवल केंद्रीय जल आयोग (सीडब्लूसी) के सामने विरोध-प्रदर्शन किए। उन्होंने दावा किया कि नवीन पटनायक सरकार ने पहले ओडिशा विधानसभा में कहा था कि महानदी को लेकर कोई योजना तैयार नहीं की गई है।
सामल के अनुसार, अब केंद्र सरकार और दोनों राज्यों के स्तर पर हो रही चर्चाओं से इस मुद्दे के समाधान की दिशा में प्रगति की उम्मीद जगी है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्रीय गृह मंत्री के हस्तक्षेप से लंबे समय से चले आ रहे इस जल विवाद का स्थायी समाधान खोजने में मदद मिलेगी।
महानदी के जल बंटवारे का मुद्दा ओडिशा और पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से विवाद का प्रमुख कारण रहा है। ओडिशा बीजेपी अध्यक्ष का यह बयान केंद्र और दोनों राज्यों के बीच नए सिरे से हो रही चर्चाओं के बीच आया है, जिससे सौहार्दपूर्ण समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
बीजेपी अध्यक्ष सामल ने कहा कि महानदी नदी जल विवाद का जल्द समाधान होगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कल व्यक्तिगत रूप से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई थी। जल्द समाधान की उम्मीद है। लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई को खत्म करने के प्रयासों से ओडिशा को लाभ होगा, खासकर महानदी बेसिन में रहने वाली राज्य की 67 प्रतिशत आबादी को। आने वाले दिनों में स्थायी समाधान और विकास की बेहतर संभावनाएं हैं।