ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और पार्टी पर महिलाओं को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का विरोध करने का आरोप लगाया।
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता साबित कर रही हैं और देश की 140 करोड़ आबादी का लगभग आधा हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समावेशी शासन के लिए जरूरी है।
माझी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि अगर यह विधेयक पारित हो जाता, तो संसद में करीब 272 महिलाएं चुनी जातीं। उन्होंने इस विधेयक के पारित न हो पाने को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में “काला दिन” बताया।
केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पहले ही संकल्प ले चुके हैं और इस कानून को लागू कराएंगे। उन्होंने कहा, “जो लोग सोचते हैं कि उन्होंने इसे रोक दिया है, वे गलत हैं। मोदी जो ठान लेते हैं, उसे पूरा करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को आने वाले समय में महिला मतदाताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उनके अनुसार, देश की महिलाएं मतदान के जरिए इसका जवाब देंगी।
माझी ने कहा कि इस महीने की 17 तारीख भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन था। इस दिन कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने न केवल देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों को तोड़ा, बल्कि लोकसभा में भारतीय संविधान के 131वें संशोधन को भी विफल कर दिया और इस हार का जश्न मना रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह देश की महिलाओं की हार नहीं है, बल्कि कांग्रेस के अहंकार और दूरदर्शिता की कमी की हार है। आने वाले समय में देश की महिला शक्ति अपने वोट के माध्यम से इसका जवाब देगी।