केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को भुवनेश्वर में प्रमुख रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की और ओडिशा में रेलवे कनेक्टिविटी को बदलने के सरकार के संकल्प को दोहराया। अपने दौरे के दौरान मंत्री ने भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास और आधुनिकीकरण कार्यों का निरीक्षण किया, जो अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किए जा रहे हैं। उन्होंने यात्री सुविधाओं के उन्नयन, बेहतर पहुंच, सुव्यवस्थित आवागमन क्षेत्र और हवाई अड्डे जैसी आधुनिक सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की।
वैष्णव ने यात्रियों से बातचीत भी की, जिन्होंने स्टेशन में हो रहे बदलावों पर संतोष व्यक्त किया और विकसित की जा रही आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। मंत्री ने अधिकारियों को कार्य की गति तेज करने और समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। पूर्वी हिस्से में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने को कहा।
बाद में, 3डी ग्लास सल्यूशंस की हेटेरोजीनियस इंटीग्रेशन पैकेजिंग यूनिट (3डी ग्लास यूनिट) के शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लेते हुए उन्होंने ओडिशा में रेलवे विकास के अभूतपूर्व पैमाने को रेखांकित किया।
उन्होंने बताया कि राज्य में इस समय 90,000 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। साथ ही, ओडिशा को रेलवे विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये (₹10,928 करोड़) से अधिक का रिकॉर्ड बजट आवंटन मिला है, जो पिछले दशकों के औसत से लगभग 13 गुना अधिक है।
समावेशी विकास पर जोर देते हुए मंत्री ने पश्चिमी ओडिशा में रेलवे कनेक्टिविटी मजबूत करने की विशेष पहल की घोषणा की, खासकर जूनागढ़–नवरंगपुर–जैपुर–मलकानगिरी–भद्राचलम कॉरिडोर के तहत। इससे आदिवासी और आकांक्षी क्षेत्रों तक पहुंच में बड़ा सुधार होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि ओडिशा के 59 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है, जिससे आधुनिक सुविधाएं और बेहतर यात्री अनुभव सुनिश्चित होगा।