आनुवंशिक विविधता बढ़ाने और प्रजनन कार्यक्रमों को मजबूत करने के उद्देश्य से नंदनकानन प्राणि उद्यान को गुजरात के सक्करबाग चिड़ियाघर से 18 नए जानवर मिलने जा रहे हैं। यह आदान-प्रदान एक पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है।
शुक्रवार सुबह सक्करबाग चिड़ियाघर की एक टीम नंदनकानन से एक शुतुरमुर्ग, तीन बारहसिंगा (दलदली हिरण) और तीन काकर (बार्किंग डियर) को लेकर रवाना हुई। इसके बदले नंदनकानन में चार तेंदुए (दो जोड़े), चार डेमोइसल क्रेन (दो जोड़े) और दस जंगली मुर्गे (पांच जोड़े) लाए जाएंगे।
चिड़ियाघर अधिकारियों के अनुसार, इस विनिमय का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से तेंदुओं की आबादी के लिए जीन पूल में विविधता लाना है, जिससे दीर्घकालिक संरक्षण और प्रजनन प्रयासों को मजबूती मिल सके। इस वर्ष नंदनकानन के लिए यह दूसरा ऐसा आदान-प्रदान है। इससे पहले विशाखापट्टनम स्थित इंदिरा गांधी प्राणि उद्यान से एक रिंग-टेल्ड लीमर यहां लाया गया था।
आने वाले नए जानवरों से चिड़ियाघर के वन्यजीव संग्रह में और समृद्धि आएगी तथा पर्यटकों के आकर्षण में भी वृद्धि होगी। ओडिशा के सबसे बड़े प्राणि उद्यान के रूप में नंदनकानन हर वर्ष हजारों पर्यटकों को अपनी समृद्ध वन्यजीव प्रदर्शनी से आकर्षित करता है। नए मेहमानों के बेहतर स्वास्थ्य और अनुकूलन सुनिश्चित करने के लिए चिड़ियाघर प्रशासन ने उपयुक्त बाड़ों सहित सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।