आदिवासी एकता मंच ने ग्रामीणों की गिरफ्तारी के विरोध में मयूरभंज जिले के रायरंगपुर उपखंड में 48 घंटे का बंद शुरू किया है। बंद के कारण क्षेत्र में सभी सरकारी कार्यालय, दुकानें, बाजार और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे, जबकि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी ठप हो गई।
कुछ दिन पहले मयूरभंज जिले के तिरिंग थाना क्षेत्र और बहलदा ब्लॉक स्थित बिंझुआ गांव में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। आरोप है कि एक अल्पसंख्यक समुदाय के युवक ने एक आदिवासी नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने की कोशिश की, जिससे उसके परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और पुलिस के साथ हिंसक झड़प हो गई। यह टकराव बाद में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच उग्र संघर्ष में बदल गया। सूत्रों के अनुसार, इस घटना में 13 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने मामले में 34 ग्रामीणों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर आदिवासी एकता मंच ने बामनघाटी उप-जिलाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय के सामने दो दिन तक धरना प्रदर्शन किया। प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर संगठन ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया और विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
इसके बाद संगठन ने गिरफ्तार महिलाओं और पुरुषों की रिहाई की मांग को लेकर 20 मार्च सुबह 6 बजे से 22 मार्च सुबह 6 बजे तक बामनघाटी उपखंड में 48 घंटे के बंद का आह्वान किया है।