नव निर्माण कृषक संगठन (NKS) द्वारा आहूत राज्यव्यापी बंद के कारण बुधवार को ओडिशा में सामान्य जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया। किसान संगठन ने कृषि और सार्वजनिक उपयोगिताओं से जुड़ी प्रमुख मांगों को लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।
सुबह 6 बजे शुरू हुए आठ घंटे के बंद के दौरान NKS कार्यकर्ताओं ने भुवनेश्वर, कटक और राज्य के अन्य हिस्सों में प्रमुख सड़कों को जाम किया, टायर जलाए और धरना-प्रदर्शन किया, जिससे वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।
भुवनेश्वर में प्रदर्शनकारियों ने उत्तर चौक को जाम कर टायर जलाए, जबकि कटक में निजी बसें सड़कों से नदारद रहीं। केवल नेताजी बस टर्मिनल से चलने वाली ‘आम बस’ सेवा जारी रही। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती की गई है।
किसान संगठन धान खरीद में कथित अनियमितताओं, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) के नाम पर भारी जुर्माने और टाटा पावर द्वारा मनमाने ढंग से बिजली दरें तय करने के खिलाफ विरोध कर रहा है।
हालांकि आपातकालीन और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं, लेकिन सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर पड़ा। कटक सहित कई इलाकों में बस सेवाएं बाधित रहीं। अधिकांश निजी बसें सड़कों पर नहीं उतरीं, जिससे प्रमुख बस अड्डों पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एनएनकेएस (NNKS) के समन्वयक अक्षय कुमार ने कहा कि सरकार की किसानों के प्रति उदासीनता लगातार जारी है। आधे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिल रहा है, जबकि आधे इससे वंचित हैं। किसानों की पीड़ा चरम पर पहुंच चुकी है। सरकार प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों से 42,000 करोड़ रुपये वसूलने में असमर्थ है, लेकिन आम लोगों पर प्रदूषण टैक्स जैसे जुर्माने थोप रही है। टाटा पावर के स्मार्ट मीटर के जरिए लोगों को लूटने का जो घोटाला चल रहा है, उसे बंद होना चाहिए। इसी वजह से हमने सरकार की किसान-विरोधी और जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ बंद का आह्वान किया है।