ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को संभावित चक्रवात से निपटने की तैयारियों की निगरानी के लिए उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को आठ जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। यह चक्रवात 28 अक्टूबर को ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की आशंका है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, मंत्री 27 से 29 अक्टूबर तक अपने-अपने निर्धारित जिलों में रहेंगे। इस दौरान वे तैयारियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे और मौसम प्रणाली से संभावित खतरे की स्थिति में समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव को कोरापुट जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि उपमुख्यमंत्री प्रभाति परिडा रायगड़ा जिले में तैयारियों की निगरानी करेंगी।
वहीं, मंत्री रबी नारायण नायक को कंधमाल, विभूति भूषण जेना को गंजाम, कृष्ण चंद्र पात्र को नवरंगपुर, नित्यानंद गोंड को मलकानगिरी, मुकेश महालिंग को कलाहांडी और सूर्यवंशी सूरज को गजपति जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
इस तैनाती का उद्देश्य राज्य सरकार और जिला प्रशासन के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा समय रहते सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाना सुनिश्चित करना है।
मंत्री अपने-अपने जिलों में तैयारियों की समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
संभावित चक्रवात के 28 अक्टूबर को ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की आशंका है। इस संभावित खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियाती तैयारियां शुरू कर दी हैं।