ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पांच विभागों के 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें महत्वपूर्ण निर्णय के तहत जाजपुर जिले में महत्वाकांक्षी पार्वती गिरि मेगा लिफ्ट इरिगेशन योजना के अंतर्गत कई लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, इस योजना की कुल अनुमानित लागत ₹10,759.20 करोड़ है। इसका उद्देश्य राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगभग 2,63,801 हेक्टेयर भूमि को खरीफ मौसम में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा प्रदान करना है। इसके लिए नदियों, जलाशयों और नहरों से अतिरिक्त पानी को लिफ्ट कर उन क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा, जहां पारंपरिक सिंचाई संभव नहीं है।
वर्तमान प्रस्ताव में कैबिनेट ने क्लस्टर नंबर 37 के लिए सबसे कम वित्तीय बोली को मंजूरी दी, जिसमें चार लिफ्ट इरिगेशन योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से जाजपुर जिले में 5,950 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित होगी। इसके तहत खरसुआ और ब्राह्मणी नदियों से इंटेक सिस्टम के जरिए पानी उठाकर प्रेशराइज्ड पाइपलाइन के माध्यम से वितरण किया जाएगा। इस परियोजना की स्वीकृत लागत (जीएसटी को छोड़कर) ₹158.87 करोड़ है।
इसके अलावा, 15 वर्षों के संचालन और रखरखाव (O&M) के लिए ₹12.71 करोड़ की लागत को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना को 36 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होने पर जाजपुर जिले के 73 गांवों के किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
अधिकारियों का मानना है कि माइक्रो-इरिगेशन सुविधाओं के शुरू होने से किसान पारंपरिक अधिक पानी वाली धान की खेती से हटकर नकदी फसलों की ओर रुख करेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।