ओडिशा में बाढ़ से 5.93 लाख लोग प्रभावित, राहत-बचाव कार्य तेज

  • Jul 31, 2026
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भुवनेश्वर, 31 जुलाईः

ओडिशा सरकार ने राज्य में बाढ़ की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। कई विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली और लोगों की सहायता में जुटे हुए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, जल संसाधन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, ऊर्जा तथा लोक निर्माण विभाग ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त कर्मियों और संसाधनों की तैनाती की है।

जल संसाधन विभाग ने बताया कि उसके अधिकारी और कर्मचारी लगातार मैदानी क्षेत्रों में सक्रिय हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है ताकि स्थिति की निरंतर निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। वरिष्ठ अभियंता तटबंधों, नदी प्रणालियों और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचों की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं।

तैयारी को और मजबूत करने के लिए लघु सिंचाई, मेगा लिफ्ट सिंचाई, गुणवत्ता आश्वासन तथा सर्वे एवं जांच शाखा के अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालक अभियंताओं को कटक, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर और पुरी जिलों में अलर्ट पर रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी क्रम में महानदी, ब्राह्मणी और बैतरणी बेसिन प्रणाली के मुख्य अभियंता ने हाल ही में आली ब्लॉक स्थित महादेव मंदिर के पास खरसुआं नदी के ओवरफ्लो क्षेत्र का निरीक्षण किया। विभाग ने बताया कि पानी के तेज बहाव वाले हिस्से को रेत की बोरियों (सैंडबैग) से सफलतापूर्वक बंद कर जल प्रवाह को नियंत्रित किया गया है। साथ ही मैदानी अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

 वहीं, आवास एवं शहरी विकास विभाग ने भी शहरी क्षेत्रों, विशेषकर उत्तर ओडिशा के बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर जिलों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने कहा कि लोगों की सुरक्षा, जमा पानी की शीघ्र निकासी और राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

 आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और 24 घंटे स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रबंधन में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं तथा विभाग का 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय कर रहा है।

 मंत्री ने यह भी घोषणा की है कि शहरी क्षेत्रों में बार-बार होने वाले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार सभी शहरी निकायों (यूएलबी) के लिए व्यापक ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार करेगी।

 इस बीच, विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय, जिला प्रशासन, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ओड्राफ) तथा अन्य बचाव एजेंसियां बाढ़ प्रभावित इलाकों में संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।

 ताजा सरकारी बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 18 जिले, 95 ब्लॉक, 472 ग्राम पंचायतें, 1,301 गांव और 14 शहरी स्थानीय निकाय बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इस आपदा से 5,93,083 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 1,76,518 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

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Khabar East

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