ओडिशा राज्य निजी बस मालिक संघ ने शनिवार को राज्य सरकार को अपनी लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि के भीतर मांगें पूरी नहीं होने पर राज्यभर में निजी बस सेवाएं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकती हैं।
यह निर्णय कटक में आयोजित संघ की कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संघ के महासचिव देवेंद्र नाथ साहू ने कहा कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देती है, तो संगठन के पास अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
संघ द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों में बस किराए में संशोधन तथा वार्षिक रखरखाव शुल्क में वृद्धि शामिल है। बस संचालकों का कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत के कारण मौजूदा किराया और रखरखाव व्यवस्था के तहत सेवाओं का संचालन करना लगातार कठिन होता जा रहा है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार को एक ज्ञापन सौंपकर निजी बस संचालकों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की जाएगी।
यदि प्रस्तावित हड़ताल होती है, तो ओडिशा में निजी बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो सकता है। इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित होगी और जिले के भीतर तथा जिलों के बीच यात्रा करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार समय सीमा समाप्त होने से पहले वार्ता शुरू करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी, जिससे राज्यव्यापी परिवहन संकट को टाला जा सके।