पुलिस ने लापता बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित रूप से बरामद कर उन्हें उनके परिवारों से मिलाने में अहम भूमिका निभाई है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई.बी. खुरानिया के निर्देशन में ओडिशा पुलिस ने 21 जनवरी से 30 जनवरी तक पूरे राज्य में ‘ऑपरेशन अन्वेषण–2’ अभियान चलाया।
इस अभियान में राज्य के सभी जिला एवं शहरी पुलिस बलों ने सक्रिय भागीदारी की और रिकॉर्ड 5,451लापता लोगों को सुरक्षित रूप से बरामद करने में सफलता हासिल की। इनमें 77 नाबालिग लड़के, 709 नाबालिग लड़कियां और 4,665 महिलाएं शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, पुरी जिले से सबसे अधिक 613 लापता लोगों को सुरक्षित बरामद किया गया। इसके बाद कटक जिले से 501 और भद्रक जिले से 429 लोगों को बरामद किया गया। इसी तरह गंजाम से 413, केंद्रापड़ा से 346, जाजपुर से 271, बरगढ़ से 236, अंगुल से 210, ढेंकानाल से 206, जगतसिंहपुर से 177, नुआपड़ा से 173, ब्रम्हपुर से 170, केंदुझर से 161, सुंदरगढ़ से 135, कटक शहरी क्षेत्र से 134, कलाहांडी से 133, नयागढ़ से 127, बालेश्वर से 125 और मयूरभंज से 119 लापता लोगों को सुरक्षित बचाया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लापता बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित रूप से ढूंढकर उन्हें उनके परिवारों से मिलाना तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यह सफलता जिला पुलिस, रेलवे पुलिस और शहरी पुलिस के समन्वित और सक्रिय प्रयासों के कारण संभव हो पाई है।
डीजीपी वाई.बी. खुरानिया ने इस उपलब्धि के लिए ओडिशा पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की और कहा कि भविष्य में भी लापता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा एवं बरामदगी के लिए ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा।