8,300 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा रामेश्वर-परादीप तटीय हाईवे

  • Jul 19, 2026
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भुवनेश्वर,19 जुलाईः

ओडिशा के समुद्री तट के विकास को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार ने 160.18 किलोमीटर लंबे रामेश्वर-परादीप तटीय हाईवे के निर्माण की योजना तैयार की है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय  इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 8,300.79 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करेगा। रविवार को जारी आधिकारिक फैक्टशीट में इस परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा की गई है परियोजना के तहत रामेश्वर से कोणार्क तक चार लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे और कोणार्क से परादीप तक पक्के शोल्डर वाला दो लेन हाईवे बनाया जाएगा। इस हाईवे की डिजाइन स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। परियोजना पूरी होने के बाद रामेश्वर से परादीप के बीच यात्रा का समय करीब ढाई घंटे कम हो जाएगा, जिससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन भी तेज और सुगम होगा।

पीएम गतिशक्ति योजना के सिद्धांतों के अनुरूप तैयार की जा रही यह परियोजना राज्य के 9 आर्थिक केंद्रों और 5 लॉजिस्टिक्स हब को आपस में जोड़ेगी। साथ ही परादीप बंदरगाह, पुरी रेलवे स्टेशन, प्रस्तावित पुरी एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्रों तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगी।

 यह तटीय हाईवे खुर्दा, पुरी, केंद्रापड़ा और जगतसिंहपुर जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित होगा।

 इस परियोजना से पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर और रामचंडी मंदिर के बीच आवागमन और अधिक आसान हो जाएगा। हर साल ओडिशा आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा का लाभ मिलेगा। प्रस्तावित पुरी हवाई अड्डे के विकसित होने के बाद राज्य में आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

 रामेश्वर-परादीप तटीय हाईवे को ओडिशा के नए कोस्टल टूरिज्म कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। यह मार्ग समुद्र तटों, ऐतिहासिक धरोहरों, जैव विविधता वाले क्षेत्रों और तटीय समुदायों को एक-दूसरे से जोड़ेगा। पुरी, कोणार्क और परादीप के बीच बेहतर संपर्क से इन क्षेत्रों को एकीकृत पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

 परियोजना से बीच टूरिज्म, ईको-टूरिज्म और प्रकृति आधारित पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों के लिए गाहिरमाथा के विश्व प्रसिद्ध ऑलिव रिडले कछुओं के प्रजनन स्थल समेत कई प्राकृतिक और वन्यजीव क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। इससे राज्य की जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा सतत पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।

 इसके अलावा, इस हाईवे के निर्माण से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। होटल, होमस्टे, रेस्तरां, हस्तशिल्प बाजार और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को बढ़ावा मिलने से तटीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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