मलकानगिरी जिले के चित्रकोंडा इलाके में पबिलिगुड़ा गांव के पास एक निजी क्षेत्र के स्टील प्लांट की लौह अयस्क स्लरी पाइपलाइन फटने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य और कृषि पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि यह घटना चित्रकोंडा बूस्टिंग सेंटर के पास हुई, जहां पाइपलाइन फट गई और स्लरी के रूप में पाइपलाइन से ले जाया जा रहा लौह अयस्क का पाउडर तरल पदार्थ के साथ मिलकर आसपास के इलाके में फैल गया।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, स्लरी पाइपलाइन के जरिए लौह अयस्क के पाउडर को किरंदुल से विशाखापट्टनम तक पहुंचाया जाता है। यह पाइपलाइन छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश से होकर गुजरती है।
पाइपलाइन फटने के बाद प्रभावित क्षेत्र से गुजरने वाले लोगों ने कथित तौर पर आंखों में जलन और जलन जैसी परेशानी के साथ-साथ सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की। स्थानीय लोगों ने यह आशंका भी जताई है कि पाइपलाइन से निकला पदार्थ आसपास की कृषि भूमि तक पहुंच गया होगा, जिससे फसलों और मिट्टी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और कृषि पर किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
इस बीच, स्टील प्लांट की मालिक कंपनी ने घटना के बाद मौके पर मरम्मत और सुरक्षा संबंधी उपाय शुरू कर दिए हैं। कंपनी ने यह भी कहा है कि स्लरी के रिसाव से जिन कृषि भूमि के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि होगी, उनके लिए मुआवजा दिया जाएगा।