सुंदरगढ़ की जिला एवं सत्र अदालत ने हेमगिरी इलाके की एक दिव्यांग युवती का अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और तस्करी करने के जुर्म में चार लोगों को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसी मामले में, पीड़िता को बेचने की दोषी पाई गई एक महिला को भी तीन साल के कारावास की सजा सुनाई गई है।
अदालत ने चारों दोषियों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर छह महीने की अतिरिक्त कैद की सज़ा भुगतनी पड़ेगी। इसके अलावा, अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को पीड़िता को 10 लाख का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया है।
यह घटना 2016 की है, जब हेमगिरी में देर रात एक मूक-बधिर युवती का उसके घर के बाहर से अपहरण कर लिया गया था। आरोपियों ने सड़क किनारे उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, उसके गहने लूट लिए और उसे हरियाणा ले जाकर बेच दिया।
घटनाक्रम में, जिस व्यक्ति ने उसे खरीदा था, उसने बाद में पीड़िता के पिता से संपर्क किया और उसकी लोकेशन बताई, जिससे उसे बचाकर सुरक्षित वापस लाया गया। उसके बयान पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ आरोप तय किए गए।