ओडिशा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास को भारत रत्न देने की जोरदार पैरवी करते हुए उन्हें “माटी के महान सपूत” बताया और कहा कि वे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के पूर्ण रूप से हकदार हैं।
पुरी जिले के सुआंडो गांव स्थित गोपबंधु दास की जन्मस्थली पर आयोजित कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्कलमणि गोपबंधु दास भारत रत्न के योग्य हैं। वे उत्कल के महान पुत्र थे, जिनकी निःस्वार्थ सेवा, देशभक्ति तथा शिक्षा, पत्रकारिता और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।”
उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस लंबे समय से उठ रही मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और कहा, “मैं इस विषय को उचित कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के समक्ष भी उठाऊंगा।”
उत्कलमणि के नाम से प्रसिद्ध पंडित गोपबंधु दास एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, कवि और पत्रकार थे। उन्होंने भाषाई आधार पर अलग ओडिशा राज्य के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और प्रसिद्ध सत्यवादी बना विद्यालय की स्थापना की थी।
मुख्यमंत्री ने सत्यवादी बना विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए 585 करोड़ रुपये की परियोजना की भी घोषणा की। इसमें से 90 करोड़ रुपये ऐतिहासिक बकुलबना को सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में पुनर्जीवित करने पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 495 करोड़ रुपये सत्यवादी क्षेत्र के पुनर्विकास, जिसमें एक हेरिटेज कॉरिडोर का निर्माण भी शामिल है, पर व्यय किए जाएंगे।