शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान (सोआ) के अंतर्गत इंजीनियरिंग संकाय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड रिसर्च (आईटीईआर) में तीन दिवसीय टेक्नो-कल्चरल महोत्सव ‘चक्रव्यूह’ और ‘जेनेसिस’ का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस उत्सव में नवाचार, रचनात्मकता और सांस्कृतिक उत्कृष्टता का संगम देखने को मिल रहा है।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन सोआ के कुलपति प्रो. प्रदीप्त कुमार नंद ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 में आईटीईआर ने भारत के इंजीनियरिंग संस्थानों में 22वां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने छात्रों से संस्थान का हिस्सा होने पर गर्व करने और वैश्विक पहचान बनाने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।
सोआ के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. प्रशांत कुमार पात्र ने छात्रों को प्रतिस्पर्धी दुनिया में आगे बढ़ने के लिए आधुनिक ज्ञान और कौशल से स्वयं को सुसज्जित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर आईटीईआर के डीन प्रो. प्रदीप कुमार साहू ने संस्थान में अनुसंधान और तकनीकी प्रगति पर विशेष जोर देने की बात कही। वहीं आईटीईआर के निदेशक प्रो. मानस कुमार मलिक ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में आईटीईआर एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ है, जिसमें एनसीसी, एनएसएस और अटल इनक्यूबेशन सेंटर जैसी छात्र गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिरिक्त डीन (स्टूडेंट अफेयर्स) प्रो. रेनु शर्मा के स्वागत भाषण से हुई, जबकि मुख्य वार्डन प्रो. रंजन कुमार मलिक ने अपने विचार व्यक्त किए। धन्यवाद ज्ञापन अतिरिक्त वार्डन प्रो. देवहुति मिश्रा ने प्रस्तुत किया।
उत्सव के दौरान विभिन्न तकनीकी प्रतियोगिताएं और प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। उद्घाटन समारोह में ‘जागो’ पहल से जुड़े छात्रों और बच्चों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को विशेष बना दिया।