ओडिशा सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 में तंबाकू और पान मसाला उत्पादों से 1,234 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को ओडिशा विधानसभा में यह जानकारी दी। विधायक टंकधर त्रिपाठी के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि राज्य में बिकने वाले पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों पर वैट (VAT) तथा अन्य लागू कर लगाए जा रहे हैं। सदन में पिछले 10 वर्षों के राजस्व संग्रह का वर्षवार विवरण भी प्रस्तुत किया गया।
आंकड़ों के अनुसार, राज्य ने 2016-17 में 264.51 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया था। वर्ष 2017-18 में जून 2017 तक 71.49 करोड़ रुपये और जुलाई 2017 से मार्च 2018 के बीच 309.53 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
इसके बाद राजस्व संग्रह बढ़कर 2018-19 में 480.71 करोड़ रुपये, 2019-20 में 609.90 करोड़ रुपये, 2020-21 में 711.23 करोड़ रुपये, 2021-22 में 876.63 करोड़ रुपये और 2022-23 में 889.42 करोड़ रुपये हो गया।
वहीं, 2023-24 में राजस्व संग्रह 1,012.56 करोड़ रुपये रहा, जो बढ़कर 2024-25 में 1,234.88 करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक इन उत्पादों से 885.45 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया जा चुका है।
ये आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में तंबाकू और पान मसाला उत्पादों से रेवेन्यू में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिसमें सबसे ज़्यादा कलेक्शन 2024-25 में दर्ज किया गया।