सक्रिय और अच्छी तरह विकसित निम्न दबाव क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) के प्रभाव से ओडिशा में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान भुवनेश्वर में 112.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
पिछले दो दिनों से जारी लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मौजूदा मौसम को देखते हुए भुवनेश्वर प्रशासन ने विशेष आपातकालीन टीम का गठन किया है।
निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से तटीय और आंतरिक ओडिशा के कई हिस्सों में भी जलभराव देखने को मिला। भुवनेश्वर में 100 मिमी से अधिक यानी 112.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे अधिक स्थानीय वर्षा रही।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चांदबाली में 64.6 मिमी, पुरी में 55.7 मिमी, बालेश्वर में 41.4 मिमी, जबकि बंदरगाह शहर पारादीप में 30.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा, क्योंझर में भी 29.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
हालांकि, तटीय और आसपास के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश के बीच कुछ इलाकों में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई। झारसुगुड़ा में केवल 3.2 मिमी और गंजाम जिले के गोपालपुर में 2.1 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम प्रणाली के और अधिक सक्रिय होने के मद्देनज़र क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के विभिन्न जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।
नुआपड़ा, बरगढ़ और संबलपुर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अत्यधिक से अति भारी वर्षा होने की संभावना है, जिससे अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा है।
वहीं, झारसुगुड़ा, सुंदरगढ़, देवगढ़, सोनपुर, बलांगीर और कलाहांडी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा राज्य के 11 अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले दो दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।