अय्यप्पा नगर क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर बने एक कथित अवैध मदरसे के निर्माण को ध्वस्त कर दिया। निगम, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह कार्रवाई की। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों की जांच के बाद यह कदम उठाया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। जानकारी के अनुसार सुपेला थाना क्षेत्र के अय्यप्पा नगर में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कर मदरसा संचालित किए जाने की शिकायत लंबे समय से प्रशासन को मिल रही थी। शिकायतों के आधार पर राजस्व और निगम अमले ने जांच की, जिसमें संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज पाई गई। इसके बाद अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की योजना बनाई गई।
इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी, निगम और राजस्व विभाग की टीम बुलडोजर तथा अन्य आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर पहुंची। निर्धारित प्रक्रिया के तहत अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के उद्देश्य से की गई है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। करीब 200 पुलिसकर्मियों के साथ विभिन्न थानों के थाना प्रभारी और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन को आशंका थी कि कार्रवाई के दौरान विरोध की स्थिति बन सकती है, इसलिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया था।
सूत्रों के अनुसार जिस भूमि पर मदरसा संचालित किया जा रहा था, उसकी अनुमानित बाजार कीमत 4 से 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ध्वस्तीकरण के बाद प्रशासन ने जमीन को कब्जामुक्त घोषित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।