नवनिर्माण कृषक संगठन के कल ओडिशा बंद को कांग्रेस का समर्थन

  • Jan 27, 2026
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भुवनेश्वर,27 जनवरीः

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) ने कल (28 जनवरी) नवनिर्माण कृषक संगठन (एनकेएस) द्वारा बुलाए गए ओडिशा बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। कांग्रेस ने कहा है कि यह बंद राज्यभर में किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को उजागर करता है।

ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि कांग्रेस ने इस बंद का समर्थन इसलिए करने का फैसला किया है क्योंकि इसमें आम लोगों को प्रभावित करने वाले कई मुद्दे उठाए गए हैं, जिनमें राज्यव्यापी धान खरीद प्रक्रिया में कथित कुप्रबंधन प्रमुख है। पार्टी ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) के नाम पर वाहन मालिकों पर लगाए जा रहे भारी जुर्मानों और बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर कथित मनमाने फैसलों पर भी चिंता जताई है।

 कांग्रेस राज्यभर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कथित रूप से समाप्त किए जाने के विरोध में भी प्रदर्शन कर रही है। पार्टी का दावा है कि इससे ग्रामीण आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। दास के अनुसार, नवनिर्माण कृषक संगठन द्वारा उठाए गए मुद्दे सीधे तौर पर जनहित से जुड़े हैं, इसी कारण कांग्रेस ने बंद को पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने बताया कि सभी जिला कांग्रेस समितियों को बंद के समर्थन में सक्रिय रूप से भाग लेने के निर्देश जारी किए गए हैं।

इस बीच, नवनिर्माण कृषक संगठन के राष्ट्रीय समन्वयक अक्षय कुमार ने कहा कि संगठन 28 जनवरी को सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओडिशा बंद का पालन करेगा। यह बंद कृषि मंडियों में कथित अनियमितताओं, पीयूसीसी प्रणाली से जुड़ी समस्याओं और टाटा पावर द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में बुलाया गया है।

 कुमार ने यह भी संकेत दिया कि रेलवे स्टेशनों पर रेल रोकोआंदोलन किया जा सकता है, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में अस्थायी रूप से ट्रेन सेवाएं बाधित हो सकती हैं।

 बंद के आह्वान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता मनोज महापात्रा ने इसे फर्जी किसानों का आंदोलनकरार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नवनिर्माण कृषक संगठन को जमीनी स्तर पर समर्थन हासिल नहीं है और कांग्रेस इस किसान संगठन का उपयोग अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रही है।

28 जनवरी को प्रस्तावित बंद के चलते ओडिशा भर में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। आंदोलनकारी प्रमुख चौराहों पर सड़क जाम कर सकते हैं, जिससे कई इलाकों में यातायात और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

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