ब्रह्मपुर के पूर्व विधायक बिक्रम पंडा के खिलाफ गवाह को फोन पर धमकी देने के आरोप में एक और मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोप है कि जेल में रहते हुए डॉक्टर के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर गवाह को फोन किया गया था। इस कथित घटना को लेकर शिकायत मिलने के बाद गोसानिनुआगांव थाने में नया मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीजद नेता बिक्रम पंडा ने जेल में रहते हुए एक गवाह से संपर्क किया और उसे मामले में गवाही नहीं देने की धमकी दी।
इस मामले में मदन दलई के खिलाफ भी अलग से मामला दर्ज किए जाने की खबर है। जेल के डॉक्टर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
यह घटनाक्रम पंडा को सशर्त जमानत पर जेल से रिहा किए जाने के कुछ समय बाद सामने आया है। अधिवक्ता पीतबास पंडा हत्याकांड से जुड़े मामले में उन्हें जमानत मिली थी।
स्थानीय पुलिस अब इन आरोपों की जांच कर रही है और कथित फोन कॉल से जुड़ी परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि जेल के अंदर मोबाइल फोन तक कैसे पहुंच बनाई गई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
ब्रह्मपुर के एसपी सरवण विवेक एम. ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गंजाम जिले के गोसानिनुआगांव थाने में एक हत्या के मामले के गवाह को फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को जेल से फोन करने वाला जेल डॉक्टर बताया। उसने कहा कि मदन दलई और बिक्रम पंडा जेल में उसके साथ हैं और गवाह से बात करना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने गवाह को मामले में गवाही नहीं देने की धमकी दी।
एसपी ने कहा कि इन आरोपों के आधार पर गवाह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(3) के तहत प्रारंभिक जांच शुरू की गई। गोसानिनुआगांव थाने के आईआईसी ने स्वयं जांच की। जांच के दौरान विभिन्न दस्तावेज और तकनीकी साक्ष्य, जिसमें सीसीटीवी फुटेज भी शामिल है, एकत्र किए गए।
उन्होंने आगे कहा कि जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए और यह सामने आया कि गवाह से संपर्क किया गया था। इसके बाद गवाह को धमकी देने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। जांच में पाया गया कि जेल के डॉक्टर ने अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर जेल के अंदर से यह फोन कॉल करवाने में मदद की थी और अन्य आरोपी भी इसमें उसके साथ शामिल थे।
एसपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने के बाद गोसानिनुआगांव थाने में मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि जेल डॉक्टर डॉ. सुशांत पाणिग्रही समेत अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।