सिलेबस में महज चार लाइन में खुदीराम बोस के बारे में लिखकर काम खत्म न करें। उनके बारे में विस्तार से बताना पड़ेगा। प्राथमिक स्तर से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक उनके बारे में पढ़ाना पड़ेगा। खुदीराम बोस की हार न मानने वाली लड़ाई, वंदे मातरम् गाते-गाते अंग्रेजों की फांसी पर लटक जाने की कहानी- सबका जानना जरूरी है। उक्त बातें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुदीराम बोस के आत्मबलिदान दिवस के मौके पर कही। जिला प्रशासन की पहल पर पूर्व मिदनापुर जिले के केशपुर के मोहबनी में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री ने उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जिस केशपुर में खुदीराम जैसे स्वतंत्रता संग्रामी का जन्म हुआ, उसके विकास के लिए इससे पहले किसी भी मुख्यमंत्री ने कोई काम नहीं किया। मोहबनी उन्नयन (विकास) परिषद का निर्माण सिर्फ नाम के लिए ही किया गया है लेकिन कोई विकास नहीं हुआ।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केशपुर में खुदीराम बोस के जर्जर पैतृक घर का जीर्णोद्धार कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद फोन कर उन्हें निर्देश दिया। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि खुदीराम बोस के पैतृक घर का जीर्णोद्धार करना होगा। इसके अलावा यहां म्यूजियम, गैलरी और लेजर लाइट शो की भी व्यवस्था करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जो लोग यहां शोध के लिए आएंगे, उनके ठहरने की भी व्यवस्था करनी होगी। पूरी तरह से डीपीआर तैयार करें। प्रारंभिक तौर पर मोहबनी विकास बोर्ड को पांच करोड़ रुपये देकर जा रहा हूं। अगले कुछ दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी करें। अक्टूबर में बारिश खत्म होने के बाद पूरे जोर-शोर से काम शुरू किया जाएगा।