नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को कलकत्ता हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। मंगलवार को न्यायाधीश तीर्थंकर घोष ने उन्हें 20 अक्टूबर तक सभी मामलों में अंतरिम जमानत दे दी है। अब वह जेल से बाहर रहकर चुनाव लड़ सकेंगे। हालांकि उन्हें यह अंतरिम जमानत सशर्त मिली है। मामले की सुनवाई के दौरान वर्ष 2007 के एक पुराने मामले में चुनाव के ठीक पहले प्रत्याशी की गिरफ्तारी और इस पूरी प्रक्रिया में राज्य की भूमिका पर भी सवाल उठाए। प्राप्त जानकारी के अनुसार मिलन प्रधान ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया था जिसके बाद उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया। परिस्थितियों और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया है। इस अंतरिम जमानत के मिलने से अब कांग्रेस उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार करने और अपनी उम्मीदवारी बरकरार रखने में कोई कानूनी बाधा नहीं आएगी। नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में आगामी 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
बतादें कि कांग्रेस उम्मीदवार को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी गई है। इसके साथ ही निर्देश दिया गया है कि चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद उन्हें हल्दिया अदालत में आत्मसमर्पण करना होगा। जमानत की अवधि के दौरान पुलिस उन्हें दिन में दो बार फोन कर सकती है। यह अंतरिम जमानत तीन सप्ताह के लिए मंजूर की गई है, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में सरेंडर करना होगा। उन्हें कुल छह मामलों में यह जमानत मिली है।