अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के लिए बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और पासबुक उपलब्ध कराने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। राउरकेला एसपी नितेश वाधवानी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर लोगों को पैसे और नौकरी का लालच देकर उनके बैंक खातों की जानकारी और अन्य बैंकिंग दस्तावेज हासिल किए।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने आर्थिक लाभ के बदले ये बैंक खाते और अन्य सामग्री साइबर ठगों को उपलब्ध कराई।
जांच के दौरान समन्वय पोर्टल और राउरकेला साइबर सेल के माध्यम से किए गए सत्यापन में पता चला कि 11 बैंक खाते अलग-अलग राज्यों में दर्ज करीब 20 साइबर अपराध शिकायतों से जुड़े थे। इनमें हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि इन चिन्हित बैंक खातों के जरिए करीब 25 लाख रुपये के साइबर ठगी से संबंधित वित्तीय लेनदेन किए गए थे।
जांच के अनुसार, आरोपियों को साइबर ठगों को प्रत्येक बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले करीब 15,000 रुपये मिलते थे।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
राउरकेला पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध और धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।