ओडिशा भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हालिया टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे ने राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन किया है। साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक विमर्श में संयम और जिम्मेदारी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। राज्यसभा सांसद सामल ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों को अपने शब्दों के चयन में सावधानी बरतनी चाहिए और राजनीतिक बहस की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
खड़गे की टिप्पणी की निंदा करते हुए ओडिशा भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी है कि उनके बयान परिपक्वता, शालीनता और राष्ट्रीय गौरव के प्रति सम्मान को दर्शाएं। उन्होंने कहा कि स्वीकार्य राजनीतिक संवाद की सीमाओं को पार करने वाली टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं और उनकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सामल ने कहा कि देश पर कई दशकों तक शासन कर चुकी पार्टी को मुख्य विपक्षी दल के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेस में निराशा पैदा हुई है, जो उसकी राजनीतिक बयानबाजी और रणनीति में दिखाई देती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तथा अरुण जेटली, प्रमोद महाजन और सुषमा स्वराज जैसे वरिष्ठ भाजपा नेताओं का उदाहरण देते हुए सामल ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद गरिमा बनाए रखने के मामले में इन नेताओं का सार्वजनिक आचरण महत्वपूर्ण सीख देता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नेता अपनी राजनीतिक विचारधारा और पक्ष को स्पष्ट रूप से रख सकते हैं, लेकिन इसके लिए भाषा की मर्यादा और सार्वजनिक व्यवहार के मानकों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
सामल ने विश्वास जताया कि जनता ऐसे राजनीतिक आचरण पर उचित प्रतिक्रिया देगी, जिसे उन्होंने अशिष्ट और गरिमाहीन बताया।
खड़गे की हालिया टिप्पणी को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच सामल ने ये बातें कहीं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में संयम, शालीनता और जवाबदेही बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।