ओडिशा सूचना आयोग ने विशेष अभियान चलाकर 18 महीनों में लंबित मामलों की संख्या 22,000 से घटाकर 5,500 कर दी है। राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त मनोज परिड़ा ने सोमवार को ओडिशा के राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात के दौरान यह जानकारी दी।
इस मुलाकात के दौरान परिड़ा के साथ सूचना आयुक्त जगन्नाथ रथ, प्राणबिंदु आचार्य, पवित्र मंडल और कल्पना पटनायक भी मौजूद थे। उन्होंने राज्यपाल को मामलों के शीघ्र निपटारे और सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत लोगों की सूचना तक पहुंच आसान बनाने के लिए आयोग की ओर से की गई पहलों की जानकारी दी।
आयोग ने मामलों की सुनवाई और निर्णय प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें सुनवाई के दिन ही संक्षिप्त आदेश जारी करना शामिल है। आवेदकों की सुविधा के लिए आयोग सभी सुनवाई ओड़िया भाषा में भी कर रहा है, ताकि प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाया जा सके।
दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की भागीदारी आसान बनाने के लिए आयोग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा शुरू की है। इससे आवेदकों को सुनवाई के लिए भुवनेश्वर आने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके अलावा, आवेदन ऑनलाइन जमा करने और अंतिम आदेशों को डिजिटल माध्यम से अपलोड करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
परिड़ा ने राज्यपाल को यह भी बताया कि करीब 300 विधि इंटर्न को सूचना का अधिकार से जुड़े मामलों में प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया है।
राज्यपाल को यह जानकारी भी दी गई कि आयोग अपने आदेशों का पालन नहीं किए जाने से जुड़े मामलों को उचित कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव के समक्ष उठा रहा है।