राजनीतिक दल नक्सल प्रभावित इलाकों में प्रचार-प्रसार से है दूर

  • Apr 22, 2019
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चक्रधरपुर, 22 अप्रैल:

राज्य के कुछ संसदीय क्षेत्र में आज भी नक्सलियों का खोफ स्पष्ठ रुप से देखा जाता है। नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव प्रचार पूरी तरह से सीमित हो चुका है। हालांकि इससे पूर्व वर्ष 2004, 2005, 2009 एवं 2014 में भी ऐसे ही हालात में चुनाव हुए थे। हाल के वर्षों में नक्सली वारदातों में कमी तो आई है, लेकिन डेढ़ दशक से अधिक समय तक जिले भर में नक्सली संगठनों द्वारा नियमित अंतराल के बाद किए गए उपद्रव के कारण दुर्गम वन क्षेत्र में अवस्थित गांवों में इनका आतंक कायम है।

नक्सली आतंक की वजह से विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशी एवं कार्यकर्ता दुर्गम इलाकों का रुख नहीं कर रहे। चक्रधरपुर अनुमंडल के पांच प्रखंडों में ऐसे अनेक गांव हैं, जहां नक्सलियों की कदमताल सुनाई देती है। थोड़े कम असर वाले क्षेत्रों में तो फिर भी मामूली चुनावी प्रचार हुआ है, लेकिन ज्यादा असर वाले क्षेत्रों में अब तक प्रचार शुरू ही नहीं हुआ है। मनोहरपुर प्रखंड के कोलेडा, पोसैता, गनमोर, गुल्लू, बांडी, हतनाबुरू, मरांगपोंगा, थोलकोबाद, बिटकिलसोय, तिरिलपोसी आदि पंचायत में किसी भी दल द्वारा अब तक चुनाव प्रचार नहीं किया गया।

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