मैनपुर क्षेत्र के बहुचर्चित आकाश कश्यप हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को भी संरक्षण में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों ने युवक पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इससे पहले मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। मैनपुर पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को आकाश कश्यप की संदिग्ध मौत के मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि युवक की मौत गंभीर मारपीट के कारण हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या में तब्दील कर संदिग्धों से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सामूहिक रूप से मारपीट करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो लकड़ी के डंडे भी बरामद किए गए। पुलिस ने इस मामले में देवकुमार निषाद (20), भीखम यादव (18), मनीष यादव (19), लक्की नेताम (19), लोकेश यादव (23) और डिगेंद्र निर्मलकर (18) को गिरफ्तार किया है। वहीं एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के पर्यवेक्षण में मैनपुर थाना पुलिस की विशेष टीम ने की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना किसी पूर्व नियोजित साजिश का परिणाम नहीं था, बल्कि मामूली विवाद के बाद अचानक भड़की हिंसा ने एक युवक की जान ले ली। हालांकि पुलिस अब इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि मारपीट के पीछे कोई पुरानी रंजिश, आपसी दुश्मनी या अन्य कारण तो नहीं था। विवेचना अभी जारी है और नए तथ्य सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।