मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को बिहार कैबिनेट की बैठक हुई। मुख्य सचिवालय के कैबिनेट हॉल में हुई इस बैठक में 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है। 10 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों और बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय में विभिन्न संकायों में 76 शैक्षणिक पद सृजन करने की स्वीकृति मिली है। जल जीवन हरियाली अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025 -26 से 2029 -30 तक सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्ट रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाने की स्वीकृति मिली है। भागलपुर के गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण कार्य, नवीन सस्पेंडेड स्लेव निर्माण कार्य और सेतु के संपूर्ण भाग की मरम्मतही एवं पुनर्स्थापना के लिए 126 करोड़ 25 लाख 55000 की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता सहायता भत्ता योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई और इसे 2030 -31 तक विस्तारित करने पर भी मुहर लगी है। 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के 12वीं या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण बेरोजगारों को 2 साल तक ₹1000 प्रति माह की दर से स्वयं सहायता भत्ता दिया जाता है।
वित्तीय वर्ष 2026- 27 में दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन योजना अंतर्गत खरीफ, रबी और गरमा मौसम में विभिन्न दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए 79 करोड़ 84 लाख 61604 की योजना की स्वीकृति दी गई है। ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप के सुनयोजित विकास एवं परियोजना के कार्यान्वयन में अन्य तकनीकी सहायता के लिए सेंटर फॉर एनवायरमेंटल प्लैनिंग एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय अहमदाबाद को चयन करने की स्वीकृति मिली है। पाटलिपुत्र और तिरहुत ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप के कोर क्षेत्र को विस्तारित करने और पाटलिपुत्र, हरिहरनाथ, मगध और तिरहुत के कोर क्षेत्र एवं उसके बाहर विशेष क्षेत्र में बुनियादी ढांचे सेवाओं और संबंध संरचनाओं के विकास के लिए टाउनशिप प्लानिंग स्कीम के अंतर्गत आवश्यकता अनुसार भूमि क्रय और अधिग्रहण की स्वीकृति मिली है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत एग्री स्टैक परियोजना अधीन फार्मर रजिस्ट्री एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए 154 करोड़ की योजना को मंजूर किया गया है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत 44 करोड़ 63 लाख 43800 की लागत की योजना की स्वीकृति दी गई। कोर्ट के आदेश के आलोक में मुजफ्फरपुर के मोतीपुर चीनी मिल की रिलीज की गई 266 एकड़ जमीन में मेसर्स इंडियन पोटाश लिमिटेड से वापस प्राप्त करने के लिए सूद सहित 63 करोड़ 39 लाख 14958 रुपए भुगतान की स्वीकृति दे दी गई है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार एवं विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर जिले में 5-5 एकड़ भूमि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) को ₹1 के टोकन लीज मूल्य पर 30 वर्षों के लिए (लीज नवीकरण के विकल्प सहित) उपलब्ध कराई जाएगी।