ओडिशा के बौध जिले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध दस्तावेजों के ले जाई जा रही विदेशी शराब और बीयर की खेप जब्त की है। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 8.95 लाख रुपये बताई गई है। मामले में पिकअप वाहन के चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विशेष खुफिया सूचना के आधार पर ब्रिज चौक के पास विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान एक पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें से 509 लीटर विदेशी शराब (IMFL) और 507 लीटर बीयर बरामद की गई।
जांच के दौरान चालक ने अधिकारियों को बताया कि शराब की खेप ओडिशा स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (OSBC) से लाई जा रही थी। हालांकि, वह परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
इसके बाद आबकारी विभाग ने वाहन को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, पिकअप वाहन सोनपुर की ओर से बौध आ रहा था, तभी उसे रोककर जांच की गई।
आबकारी विभाग ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब बिना वैध दस्तावेजों के कैसे लाई जा रही थी, इसकी वास्तविक उत्पत्ति क्या थी, परिवहन में कौन-कौन लोग शामिल थे और खेप को कहां पहुंचाया जाना था।
हिरासत में लिए गए चालक को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा। विभाग ने बताया कि जिले में अवैध शराब कारोबार पर निगरानी और सख्त कर दी गई है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है।
चालक ने पूछताछ में बताया कि मैंने कालापत्थर क्षेत्र के सोनपुर डीपी से शराब की खेप लोड की थी। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने मुझे आगे जाने के लिए कहा। मैंने अपने मालिक को फोन किया तो उन्होंने भी आगे बढ़ने को कहा। इसके अलावा मुझे कुछ नहीं पता। जिसने निर्देश दिया था, उसका नाम भी मुझे नहीं मालूम।
बौध थाना प्रभारी दिलीप कुमार सतपथी ने कहा कि ब्रिज चौक पर गश्त के दौरान संदेह के आधार पर वाहन को रोका गया। चालक ने दावा किया कि वह शराब ओएसबीसी से ला रहा है, लेकिन वाहन में कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। तलाशी में 509 लीटर विदेशी शराब और 507 लीटर बीयर जब्त की गई। दस्तावेज नहीं होने के कारण वाहन जब्त कर लिया गया है और आरोपी को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चालक तो पकड़ा गया है, लेकिन वाहन मालिक मौके पर मौजूद नहीं था। चालक भी इस पूरे मामले की जानकारी से इनकार कर रहा है और इसमें शामिल लोगों के नाम नहीं बता पा रहा है। पुलिस और आबकारी विभाग मामले की जांच जारी रखे हुए हैं।