ओडिशा परिवहन विभाग ने नए वाहन पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और स्वामित्व हस्तांतरण (ओनरशिप ट्रांसफर) के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है। यह कदम वाहन मालिकों की पहचान सुनिश्चित करने, जवाबदेही बढ़ाने और दुर्घटना या अपराध की जांच के दौरान वाहनों का आसानी से पता लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के तहत अब वाहन पंजीकरण या स्वामित्व हस्तांतरण के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को आधार कार्ड, वैध पते का प्रमाण और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। आवेदन मंजूर करने से पहले अधिकारियों को सभी दस्तावेजों का गहन सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदक की पहचान और पते का उचित सत्यापन किए बिना किसी भी वाहन पंजीकरण या स्वामित्व हस्तांतरण के आवेदन पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य फर्जी पहचान या गलत पते के आधार पर वाहन पंजीकरण पर रोक लगाना है।
विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से सड़क दुर्घटनाओं, आपराधिक मामलों और अन्य कानून उल्लंघनों की जांच के दौरान वाहन मालिकों की पहचान करना प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अधिक आसान होगा।
परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि आवश्यक दस्तावेजों के बिना सड़क पर चलने वाले वाहनों को जब्त किया जा सकता है और वाहन मालिकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नई एसओपी के सख्ती से पालन के लिए राज्य के सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) और प्रवर्तन टीमों को निर्देश जारी किए गए हैं। आवेदन का निपटारा करने वाले अधिकारियों को सभी सहायक दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक सत्यापन करने और पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्देश ऐसे समय में जारी किया गया है जब परिवहन विभाग फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा और परमिट से जुड़े नियमों के उल्लंघन के खिलाफ विशेष अभियान चला रहा है। विभाग का कहना है कि नई सत्यापन प्रणाली से वाहन पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और आवश्यकता पड़ने पर वाहन मालिकों का पता लगाना आसान होगा।