अदालत का आदेश आते ही राज्य के पूर्व खेल मंत्री अरुप विश्वास को विधाननगर दक्षिण थाना ने मेसी कांड में हाजिर होने का तीसरा नोटिस भेजा है। इस नोटिस में उन्हें 48 घंटे के अंदर हाजिर होने का आदेश दिया गया है। बुधवार (10 जून) को कलकत्ता हाई कोर्ट से अरुप विश्वास को कानूनी राहत तो मिली लेकिन बार-बार उपस्थिति को टालने की वजह से उन्हें कड़ी फटकार भी मिली है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश सौगत भट्टाचार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस अगर बुलाती है तो अरुप विश्वास को निर्धारित दिन ही हाजिर होना होगा। इसके साथ ही न्यायाधीश ने कहा कि जांच पर कोई स्थगितादेश जारी नहीं किया जाएगा। इसके बाद ही अदालत के आदेश पर पूर्व खेल मंत्री अरुप विश्वास को 48 घंटों में हाजिर होने का तीसरा नोटिस विधाननगर थाना ने भेजा है। बता दें, 13 दिसंबर 2025 को कोलकाता के युवाभारती स्टेडियम में मेसी का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के साथ ही दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी के भारत दौरे की शुरुआत हुई थी। लेकिन इस कार्यक्रम के दौरान भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विधाननगर दक्षिण थाना में आयोजक शतद्रु दत्त ने FIR दर्ज करवाया है।
इसमें पूर्व खेल मंत्री अरुप विश्वास के खिलाफ अवैध रूप से पास बिक्री से लेकर कई शिकायतें दर्ज करवायी गयी है। इन शिकायतों को लेकर ही पूछताछ के लिए पुलिस ने उन्हें नोटिस दिया था। पहले दो नोटिस भेजे जाने के बावजूद अरुप विश्वास थाना में हाजिर नहीं हुए थे। इसके बाद कोर्ट में मामला पहुंचा। अरुप विश्वास ने इस मामले में स्थगितादेश का अनुरोध करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 10 जून को मामले की सुनवाई के दौरान अरुप विश्वास को कानूनी राहत तो दी गयी थी लेकिन उन्हें कोर्ट से कड़ी फटकार भी मिली थी। मामले की सुनवाई के दौरान पेपर कटिंग दिखाकर न्यायाधीश सौगत भट्टाचार्य ने अरुप विश्वास के वकील किशोर दत्त से कहा कि मेसी से सट कर जो खड़े हैं क्या वह आपके मुवक्किल हैं? आपके मुवक्किल क्या मेसी के बचपन के दोस्त हैं? क्या एक मंत्री का ऐसा आचरण हो सकता है? उनकी वजह से कोलकाता के लोगों का सिर शर्म झुक गया था उस दिन। कैसे वह मेसी के इतने करीब गए?
न्यायाधीश ने कहा कि मेसी की सुरक्षा के लिए यह बहुत ही भयानक बात है। आपके मुवक्किल को एक मंत्री के तौर पर और भी जिम्मेदारी से आचरण करना चाहिए था। देश के दूसरे शहरों में इतने अच्छे तरह से कार्यक्रम हुआ और कोलकाता से मेसी परेशान होकर चले गए। यह शर्मनाक है। इसके बाद उन्होंने जांच में पुलिस को सभी प्रकार से सहायता करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि अदालत की अनुमति के बिना अरुप विश्वास शहर छोड़ कर बाहर नहीं जा सकते हैं।