केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भुवनेश्वर में आयोजित 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक का उद्घाटन करते हुए कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य हमेशा 'मानवता सर्वोपरि' की भावना पर आधारित होना चाहिए। शिक्षा भविष्य निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता की थीम 'सहयोग और सतत विकास के लिए लचीलापन एवं नवाचार का निर्माण' का उल्लेख करते हुए उन्होंने ब्रिक्स देशों से शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान किया। बैठक को संबोधित करते हुए जोशी ने कहा कि
अभी पिछले महीने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुझे भारत के शिक्षा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई। मैं इसे अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व मानता हूं, क्योंकि भारत की शिक्षा व्यवस्था का दायरा और विविधता बहुत व्यापक है।
उन्होंने आगे कहा कि 'मानवता सर्वोपरि' की भावना शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अधिक प्रासंगिक है। तकनीक बदलती रहेगी, अर्थव्यवस्थाएं बदलेंगी, नए पेशे सामने आएंगे और पुराने पेशों का स्वरूप भी बदलेगा। लेकिन हर शिक्षा प्रणाली के केंद्र में हमेशा इंसान होना चाहिए—वह बच्चा जो सीखने का अवसर चाहता है, वह शिक्षक जो नई पीढ़ी का निर्माण करता है, वह शोधकर्ता जो नए ज्ञान की खोज में लगा है और वह युवा जो बेहतर भविष्य का सपना देखता है। यही हमारी आज की चर्चा का भी मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए। इसलिए हमें अगली पीढ़ी के प्रति साझा जिम्मेदारी के साथ इस बैठक में भागीदार बनकर आगे बढ़ना चाहिए।
बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ईरान, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित सभी ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान ब्रिक्स शिक्षा सहयोग को और मजबूत करने तथा भविष्य की संयुक्त पहलों पर चर्चा की गई।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत में 'अतिथि देवो भवः' की प्राचीन परंपरा है, जिसका अर्थ है कि अतिथि हमारे लिए भगवान के समान हैं।
उन्होंने कहा कि आपमें से कई प्रतिनिधि यहां पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय कर, कई देशों, समुद्रों और समय क्षेत्रों को पार कर आए हैं। मैं आप सभी का व्यक्तिगत रूप से स्वागत और धन्यवाद करता हूं। आपकी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि सभी सदस्य देश ब्रिक्स और वर्ष 2026 के साझा एजेंडे के तहत सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।