मुंडली में महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बीच कटक जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावित जलप्रवाह में और वृद्धि की आशंका को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे ने बताया कि वर्तमान में मुंडली से लगभग 8.20 लाख क्यूसेक बाढ़ का पानी बह रहा है। अगले कुछ घंटों में यह बढ़कर करीब 10 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है, जिससे जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ जाएगा।
एहतियात के तौर पर कटक, बांकी और आठगढ़ उपखंडों के संवेदनशील क्षेत्रों से करीब 4,000 लोगों को शुक्रवार रात तक सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटे तक बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और सभी आवश्यक तैयारियां और तेज की जाएंगी।
महानदी का पानी पहले ही बांकी स्थित मां भट्टारिका मंदिर परिसर में प्रवेश कर चुका है। वहीं बढ़ते जलस्तर के कारण बड़ंबा, तिगिरिया और आठगढ़ के कई इलाकों में भी जलभराव शुरू हो गया है।
प्रशासन ने बांकी, बड़ंबा, सालेपुर, महांगा, आठगढ़ और कटक शहर के निचले इलाकों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने का कार्य जारी है और उन्हें अस्थायी राहत केंद्रों में बदले गए चक्रवात आश्रय केंद्रों, स्कूलों और कॉलेजों में ठहराया जा रहा है।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), अग्निशमन सेवा और पुलिस की टीमों को तैनात कर हाई अलर्ट पर रखा गया है।
जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे निकासी अभियान में प्रशासन का सहयोग करें और अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, क्योंकि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।