जाजपुर जिले में बैतरणी नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के बीच उसकी सहायक नदी कानी में तटबंध टूट गया है। इससे इलाके में दहशत का माहौल है। इस सीजन में आई चौथी बाढ़ के कारण बैतरणी नदी उफान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, जाजपुर और दशरथपुर ब्लॉक के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। पिछली बाढ़ के दौरान कानी नदी में दो स्थानों पर तटबंध टूट गए थे। इनकी मरम्मत का काम चल रहा था, इसी दौरान एक स्थान पर तटबंध दोबारा टूट गया, जिससे बाढ़ का पानी आसपास के गांवों में प्रवेश कर गया।
तटबंध टूटने के कारण तारापदा कास्पा और मलिकापुर पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 10 गांव जलमग्न हो गए हैं। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इधर, जाजपुर ब्लॉक में मोटरंगापाला सड़क के ऊपर से भी बाढ़ का पानी बह रहा है। इसके अलावा सप्तमातृका मंदिर, जगन्नाथ मंदिर और लक्ष्मी मंदिर में भी पानी घुस गया है, जिससे मंदिरों में दैनिक पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान प्रभावित हुए हैं।
बैतरणी नदी के लगातार खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों की निगरानी की जा रही है और स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।