भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण (बीडीए) के एक पूर्व सेक्शन ऑफिसर को मकान के स्वामित्व हस्तांतरण के मामले में 5,000 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
भुवनेश्वर की अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस अदालत ने बीडीए के अलॉटमेंट सेक्शन के पूर्व सेक्शन ऑफिसर तारिणी चरण दास को मामले में दोषी ठहराते हुए तीन साल के कठोर कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई।
दास अब सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ओडिशा विजिलेंस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ धारा 13(1)(डी) और धारा 7 के तहत रिश्वतखोरी का मामला दर्ज कर आरोपपत्र दाखिल किया था।
विजिलेंस के अनुसार, दास ने एक मकान के स्वामित्व हस्तांतरण से संबंधित आवेदन पर कार्रवाई के लिए एक आवेदक से 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी और बाद में राशि स्वीकार भी की थी।
दोषसिद्धि के बाद ओडिशा विजिलेंस अब सक्षम प्राधिकारी के समक्ष तारिणी चरण दास की पेंशन रोकने के लिए कार्रवाई शुरू करेगा।