मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2026 शैक्षणिक सत्र के छात्रों के साथ भुवनेश्वर स्थित यूनिट-1 सरकारी उच्च विद्यालय में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ के नौवें संस्करण में भाग लिया। यह कार्यक्रम परीक्षा के समय छात्रों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया है।
छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने आत्मविश्वास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है और यह सत्य के मार्ग पर चलने से आता है। उन्होंने सलाह दी, धैर्य के साथ पढ़ाई करें, दबाव में नहीं। ऐसी तैयारी की गुणवत्ता बेहतर होती है।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को पढ़ाई के प्रति जुनून विकसित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सीखने के लिए हमेशा आरामदायक माहौल जरूरी नहीं होता, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और समर्पण ही सबसे अहम होते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़े अनुभवों और सीखों को भी साझा किया, जिनमें संघर्ष, सफलता और जीवन कौशल शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपने भविष्य और समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया, वहीं अभिभावकों से कहा कि वे बच्चों की क्षमता, योग्यता और रुचि के अनुसार उन्हें प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और ज्ञान का विकास घर के माहौल में होता है, इसलिए बचपन से ही नैतिक शिक्षा देना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने केवल परीक्षा परिणामों के आधार पर सफलता को आंकने की मानसिकता से बचने की सलाह दी और ज्ञान तथा जीवन कौशल अर्जित करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान आपको सिखाएगा और आगे बढ़ने के लिए जीवन कौशल देगा। यह गलत धारणा न अपनाएं कि सबसे अधिक अंक पाने वाला ही सबसे सफल व्यक्ति होता है।
अंत में मुख्यमंत्री माजी ने छात्रों को परीक्षाओं में सफलता की शुभकामनाएं दीं और उन्हें अपना आशीर्वाद एवं समर्थन देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, ओसेपा परियोजना निदेशक अनन्या दास सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे।