शहरी विकास को मजबूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के तहत ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की है कि पुरी, पारादीप, भुवनेश्वर और कटक- इन चार प्रमुख शहरों को 2027 तक एकीकृत ‘कॉमन इकोनॉमिक ज़ोन’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस पहल से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, और अनुमान है कि ओडिशा के कुल आर्थिक उत्पादन का लगभग 33 प्रतिशत हिस्सा इन चार शहरी केंद्रों से आएगा।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने योजना का विवरण साझा करते हुए कहा कि प्रत्येक शहर की प्रमुख ताकतों को एक व्यापक आर्थिक ढांचे में जोड़ा जाएगा। पारादीप का औद्योगिक तंत्र और समुद्री तट, पुरी का धार्मिक पर्यटन और बीच अर्थव्यवस्था, भुवनेश्वर के शैक्षणिक संस्थान और ज्ञान केंद्र, तथा कटक की पारंपरिक हस्तशिल्प और विरासत उद्योग — ये सभी मिलकर प्रस्तावित क्षेत्र की आधारशिला बनेंगे।
उन्होंने कहा कि हम भुवनेश्वर-कटक-पुरी और पारादीप को एक कॉमन इकोनॉमिक ज़ोन में बदलने की योजना बना रहे हैं और हमें भरोसा है कि राज्य की अर्थव्यवस्था का कम से कम 33% हिस्सा यहीं से आएगा। हमारा प्रयास पारादीप के उद्योग, पुरी की आध्यात्मिकता, समुद्र तट और पर्यटन, कटक की विरासत व पुरानी नगरी, तथा भुवनेश्वर को एजुकेशन सिटी के रूप में विकसित करना है। पारादीप इसमें अहम भूमिका निभाएगा। यह केवल ब्लू फ्लैग बीच नहीं होगा, बल्कि पूरे तटीय क्षेत्र का विकास किया जाएगा।
पारादीप दौरे के दौरान गर्ग ने ब्लू फ्लैग प्रमाणन से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पारादीप की 7 किलोमीटर लंबी तटरेखा का चरणबद्ध विकास किया जाएगा, जिसमें एक हिस्से को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ब्लू फ्लैग श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव है।
सरकार ने विकास कार्यों का पहला चरण सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का मानना है कि कॉमन इकोनॉमिक ज़ोन पहल से नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और ओडिशा को पूर्वी भारत के प्रमुख आर्थिक व पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।