सोआ डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड रिसर्च (आईटीईआर) के भौतिकी विभाग में एमेरिटस प्रोफेसर एवं प्रख्यात शिक्षाविद्-शोधकर्ता प्रो. आरएनपी चौधरी का रविवार को लंबी बीमारी के बाद यहां निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे।
प्रो. चौधरी ने यूनाइटेड किंगडम के एडिनबर्ग विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं, जिनमें आईआईटी खड़गपुर में भौतिकी विभागाध्यक्ष के रूप में सेवाएं देना शामिल है।
उनका शोध क्षेत्र अनुप्रयुक्त भौतिकी था, जिसमें डाइइलेक्ट्रिक और फेरोइलेक्ट्रिक पदार्थों पर विशेष ध्यान रहा। उनके नाम अनेक शोध प्रकाशन और उद्धरण दर्ज हैं। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय (अमेरिका) द्वारा संकलित अनुप्रयुक्त भौतिकी क्षेत्र के विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत शोधकर्ताओं की सूची में वे लगातार शामिल रहे। वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं।
सोआ के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनोजरंजन नायक ने प्रो. चौधरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अकादमिक जगत और शोध क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया। वहीं, सोआ के कुलपति प्रो. प्रदीप्त कुमार नंद ने भी उनके निधन पर शोक जताया और उन्हें शोधकर्ताओं के लिए एक उत्कृष्ट शिक्षक एवं मार्गदर्शक के रूप में स्मरण किया।