कृषि एवं सांस्कृतिक पर्व ‘रज’ के अवसर पर ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में राज्यपाल डॉ. कंभमपति ने कहा कि रज ओडिशा की संस्कृति, प्रकृति, प्रगति और परंपरा का महान पर्व है। उन्होंने कहा कि इस त्योहार में पर्यावरण संरक्षण का संदेश निहित है। राज्यपाल ने कहा कि यह पर्व धरती माता की महानता का प्रतीक है और भाईचारे, मित्रता तथा सद्भाव की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने ओडिशा के सभी भाई-बहनों को इस आनंदोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
वहीं, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अपने संदेश में राज्य के लोगों को रज पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रज को ओडिशा की पहचान और जीवंत परंपरा का महापर्व बताते हुए कहा कि यह मिट्टी और मातृशक्ति के अद्वितीय मिलन का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रज केवल ऋतु परिवर्तन की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह हमारी सनातन चेतना की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और नारीत्व के प्रति गहरे सम्मान का अनूठा प्रतीक है।
उन्होंने आगे कहा कि इस परंपरा ने नारी की पवित्रता, सृजन शक्ति और मातृत्व की गरिमा को सर्वोच्च स्थान देकर ओड़िया समाज के आत्मसम्मान को नई ऊंचाई प्रदान की है।
उल्लेखनीय है कि तीन दिनों तक मनाया जाने वाला रज पर्व मानसून के आगमन का प्रतीक माना जाता है और यह धरती की उर्वरता तथा नारी शक्ति के सम्मान को समर्पित है।