झारखंड सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सरकारी राशन कार्डधारियों के लिए नया आदेश जारी किया है। अब सभी राशन कार्डधारकों को अपनी जाति पोर्टल पर अपडेट करानी होगी। विभाग ने राशन दुकानदारों को इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी आदेश सभी जिलों के आपूर्ति पदाधिकारियों को भेजा गया है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी रांची द्वारा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को भेजी गई चिट्ठी में स्पष्ट किया गया है कि मोबाइल ऐप एवं ई-पॉस के माध्यम से पोर्टल पर जाति अपडेटेशन का ऑनलाइन प्रावधान किया गया है। जाति अपडेटेशन का अनुमोदन अनिवार्य रूप से पणन पदाधिकारी/प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के स्तर से जांचोपरांत ही किया जाएगा। इस कार्य को त्वरित गति से सरकारी राशन दुकानदारों के माध्यम से पूरा करने का आदेश दिया गया है। राज्य में कुल 2,62,71,749 राशन कार्डधारियों के लिए 59,89,931 राशन कार्ड जारी किए गए हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राशन कार्ड में जाति गणना को लेकर लोगों को मिसगाइड किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भारत सरकार के दिशा-निर्देश के अनुरूप परिवार के सदस्यों का आकलन है। मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले एक परिवार में 35-35 किलो अनाज चला जाता था जबकि परिवार में एक सदस्य होता था, ऐसे में उन्हें मात्र 5 किलो अनाज मिलना चाहिए। राज्य सरकार सभी राशन कार्ड धारकों के परिवार की गणना कर रही है। जाति संबंधी सवाल पर इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार सभी जातियों का सम्मान करती है और इसमें कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जाति आधारित राशन कार्ड उचित नहीं है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस तरह का प्रावधान अभी तक नहीं था। यदि इसकी शुरुआत की गई है तो यह कहीं से भी उचित नहीं है।