मलकानगिरी पुलिस के जिला स्वैच्छिक बल (डीवीएफ) ने बुधवार तड़के ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र से माओवादियों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। इसमें बड़ी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और अन्य आपत्तिजनक सामग्री शामिल है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर डीवीएफ की टीम ने मलकानगिरी जिले के मथिली थाना क्षेत्र के चेरकोटला, किरमिटी, कोटवापदर और कड़ाभाटा के जंगलों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह इलाका छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के दरभा थाना और सुकमा जिले के पुष्पाल थाना क्षेत्र की सीमा से लगा हुआ है।
मलकानगिरी जिला पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह डंप 26 अगस्त की सुबह करीब 5:30 बजे बरामद किया गया।
बरामद सामग्री में तीन देसी बंदूकें, अलग-अलग वजन के कई इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी)—5 किलो, 3 किलो और 2 किलो, दो क्लेमोर माइंस, कोडेक्स वायर, माओवादी बैनर, ऑलिव ग्रीन रंग की माओवादी वर्दियां, रेनकोट, बैटरियां, तार तथा निजी सामान और माओवादी साहित्य सहित कई अन्य सामग्री शामिल हैं।
पुलिस का मानना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल आम नागरिकों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए किया जाना था। इनके आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (AOBSZC) के कैडरों से जुड़े होने की आशंका है।
केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मलकानगिरी जिले को 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित किया गया था। जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच जिले में दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 23 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
इससे पहले जून 2026 में भी जिले में तीन बड़े माओवादी डंप बरामद किए गए थे।
पुलिस ने बताया कि इलाके में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और डीवीएफ की टीमें लगातार कॉम्बिंग और तलाशी अभियान चला रही हैं, ताकि छिपाकर रखे गए माओवादी हथियारों और अन्य सामग्रियों का पता लगाकर उन्हें बरामद किया जा सके। इसका उद्देश्य क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों की संभावित पुनर्वापसी को रोकना है।