ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को लगातार चौथे दिन बाधित रही। एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 और स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में गड़बड़ी के मुद्दे को लेकर विपक्षी बीजद और कांग्रेस के सदस्य सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे।
लगातार हंगामे के बीच उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई ने सदन की कार्यवाही शाम 4 बजे तक स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही दोबारा प्रश्नकाल के लिए शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। जैसे ही स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड एक सवाल का जवाब देने के लिए खड़े हुए, विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इसके कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
बीजद सदस्यों ने स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में हुई गलतियों को लेकर विरोध जताया और इस विवाद के लिए मंत्री नित्यानंद गोंड को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
वहीं, कांग्रेस सदस्यों ने एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 का मुद्दा उठाते हुए मांग की है कि इस कानून को ओडिशा में लागू नहीं किया जाए।
उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई ने कई बार प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील की। हालांकि, विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही।
हंगामा थमता नहीं देख उपाध्यक्ष ने अंततः सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी।