ओडिशा विधानसभा के मानसून सत्र से पहले सोमवार को भुवनेश्वर स्थित विधानसभा परिसर में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। मानसून सत्र 22 सितंबर से शुरू होने वाला है। विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव, संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिग, मुख्य सरकारी सचेतक सरोज प्रधान, विपक्ष के उपनेता प्रसन्न आचार्य, विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक, उप मुख्य सचेतक प्रताप देव और कांग्रेस विधायक अशोक दास सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
विधानसभा अध्यक्ष ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ चर्चा की और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने के लिए उनका सहयोग मांगा।
मानसून सत्र 22 सितंबर से तीन अक्टूबर तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिग ने बताया कि सत्र के दौरान छह विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ओडिशा के हित से जुड़े मुद्दों, जिनमें एमएमडीआर से संबंधित विषय भी शामिल हैं, पर विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय के अनुसार चर्चा की जा सकती है।
महालिग ने कहा कि राज्य के हित से जुड़ा कोई भी मुद्दा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सदन में चर्चा के लिए उठाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें बीजद, कांग्रेस और भाजपा के सभी सदस्य शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने और 22 सितंबर से तीन अक्टूबर तक चलने वाले सत्र के संचालन को लेकर चर्चा हुई।
इस बीच, विपक्ष ने विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है। बीजू जनता दल (बीजेडी) की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने कहा कि पार्टी ने एमएमडीआर के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है और उसके विधायक पार्टी के फैसले के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने या नहीं करने का फैसला पार्टी करेगी।
प्रमिला मल्लिक ने कहा कि बीजद की ओर से हमने संशोधित एमएमडीआर विधेयक के कारण ओडिशा को हुए नुकसान पर विस्तृत चर्चा की मांग की है। हमने प्रस्ताव सौंपा है और विधानसभा अध्यक्ष से इसे चर्चा के लिए लेने का अनुरोध किया है। साथ ही, मोशन ऑफ थैंक्स के माध्यम से चर्चा की अनुमति देने का आग्रह किया है, ताकि सभी विधायक इस मुद्दे पर अपनी बात रख सकें। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि वह हमारी मांग पर विचार करेंगी।